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बे-मौसम की बरसात में

बे-मौसम की बरसात में

झूम उठा रौशनी में नहाया शहर

शहर के बाशिंदों को

कब से था इंतज़ार

ऐसी ही किसी सुहानी शाम का,


उधर शहर के निकटवर्ती गाँवों में

बरबाद हो गई

गेहूँ की पकी पकाई फसल

बे-मौसम की बरसात ने

धो डाला साल भर के संतोष का स्वप्न।