ascend-bg
Chashmebaddoor

मैं और दु:ख़

आजकल मैं बहुत दु:खी हूँ
क्योंकि मैं करती हूँ प्रेम
एक साथ सबसे
अपने माता-पिता, भाई-बहनों
दोस्तों से, प्रेमी से
अपने आस-...

Read More...

ascend-bg
Chashmebaddoor

चेहरा

भिखारियों के नाम नहीं होते

होते हैं सिर्फ चेहरे,

चेहरा लंगड़े का, लूले का,

चेहरा भूखे काले नंगे बच्चे का,

चेहरा सू...

Read More...

ascend-bg
Chashmebaddoor

ज़रा सुनिये

ज़रा सुनिये,

कभी कभी
एक लम्हा फुरसत का
एक अपनी हसरत का
एक अदद मुस्कराने का
अदना सा मेरे सपनों में आने का
निकाल लि...

Read More...

ascend-bg
Chashmebaddoor

शेष है

शब्दों का एक सेतु
इन भावों के बीच बनना शेष है,
जानती हूँ शब्द नहीं प्रमाण
फिर भी उससे बंधे हैं क्यों प्राण?
तुमने कहा, कर...

Read More...